जयपुर: राजस्थान बीजेपी (Rajasthan BJP) में चिट्ठी बम (Letter Bomb) से मची हलचल अभी तक पूरी तरह नहीं थमी है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया (Gulab Chand Kataria) ने विधायकों की इस चिट्ठी की जानकारी मीडिया से मिलने का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें अभी तक किसी ने कोई चिट्ठी नहीं भेजी है.

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कटारिया ने पूरे मामले में हैरानी जताते हुए कहा कि अगर किसी विधायक को इस तरह की कोई आपत्ति थी तो एक चिट्ठी उन्हें भी लिख देते, जिससे उन्हें पता तो लगता कि खामी कहां रह रही है? उधर प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore) ने भी इस पूरे मामले को चौंकाने वाला बताया. राठौड़ ने कहा कि बीजेपी में कभी भी नेतृत्व को ललकारने की कांग्रेसी संस्कृति हावी नहीं रही है.

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बीजेपी में चुनिंदा विधायकों ने जनहित के मुद्दे नहीं उठाने का हवाला देते हुए विधायक दल में पक्षपात का जिक्र किया है. इस मामले में तकरीबन 20 विधायकों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सभी को समान अवसर देने की पैरवी की है. इस पत्र को बेमौसम की बारिश करार देते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बेमौसम की बारिश कहां से हुई और किस कारण से हुई इस बारे में पता करने की जरूरत है. कटारिया ने कहा कि 24 फरवरी को बजट से पहले सुबह 10 बजे विधानसभा की ना पक्ष लॉबी में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें इस मुद्दे पर आपत्ति जताने वाले विधायकों से बातचीत होगी. कटारिया ने कहा कि इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया से भी बातचीत करेंगे.

उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने भी दिया हैरानी भरा रिएक्शन
उधर प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने भी चिट्ठी प्रकरण को चौंकाने वाला बताया. राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में इस तरह की कांग्रेसी संस्कृति कभी भी हावी नहीं रही है. उन्होंने कहा कि न तो यहां इस तरह की चिठ्ठियां लिखी जाती हैं और न ही नेतृत्व को ललकारा जाता है. राठौड़ ने कहा कि अगर किसी विधायक को आपत्ति थी तो हर मंगलवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में अपना मुद्दा रखा जा सकता था. प्रतिपक्ष के उपनेता ने कहा कि इस मुद्दे पर विधायक दल की बैठक के साथ ही कोर कमेटी में भी चर्चा होगी. राठौड़ ने कहा कि जिन विधायकों के नाम चिट्ठी लिखने में आ रहे हैं उनमें से 80 फ़ीसदी तो राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में बोल भी चुके हैं.

क्या बोले थे बीजेपी विधायक कैलाश मेघवाल
प्रतिपक्ष के नेता और उप नेता से पहले कैलाश मेघवाल (Kailash Meghwal) भी इस चिट्ठी पर अपनी बात साफ कर चुके हैं. बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल का कहना है कि पार्टी के ही कुछ विधायक इस बात को महसूस कर रहे थे कि उन्हें जनहित के मुद्दे सदन में उठाने का मौका नहीं मिल रहा और इस बात को पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में लाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को पत्र लिखा गया है.

इस पत्र में मुद्दा उठाने वाले अधिकांश विधायक वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं, लेकिन इस बार पत्र में वसुंधरा राजे का कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है. पार्टी को इस पत्र से नुकसान के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया कहते हैं कि बीजेपी लाखों कार्यकर्ताओं और संगठन से चलने वाली पार्टी है, उसे कोई विधायक या कोई व्यक्ति नुकसान नहीं पहुंचा सकता. कटारिया ने कहा कि वह कभी व्यक्ति पूजा के समर्थक नहीं रहे हैं और ना ही ऐसा संगठन में कभी होने देंगे.

इन नेताओं से वसुंधरा राजे के जुड़ाव के सवाल पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि वसुंधरा राजे दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रही हैं और पार्टी की वरिष्ठ नेता भी हैं. राठौड़ ने कहा कि बीजेपी में नेतृत्व को ललकारने की कोई परिपाटी नहीं रही है.

बीजेपी में चिट्ठी बम ने पार्टी की एकजुटता के दावों की कलई खोल दी है लेकिन अभी तक पार्टी के नेता इस पूरे मामले को षड्यंत्र बताने से बच रहे हैं. बीजेपी नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होगी और उसके बाद ही यह तय होगा कि पत्र किसने, क्यों और किसके कहने पर लिखा?





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