जयपुर: तकरीबन सवा दो साल से विधानसभा में बीजेपी के सचेतक का पद खाली चल रहा है. अब पार्टी को सचेतक मिलने की उम्मीद बंधी है. बीजेपी मौजूदा बजट सत्र में ही अपने सचेतक का ऐलान कर देगी. फिलहाल इस पद के लिए जालौर से विधायक जोगेश्वर गर्ग का नाम सबसे आगे चल रहा है. बीजेपी के सूत्रों की मानें तो पार्टी ने इस बारे में पूरा मानस बना लिया है और जोगेश्वर गर्ग के नाम की घोषणा होने की सिर्फ औपचारिकता बाकी है.

दरअसल, विधानसभा में किसी भी विधायक दल का सचेतक पार्टी के लिए फ्लोर मैनेजमेंट (Floor Management) का काम देखता है. वक्ताओं को मुद्दे देना और उन मुद्दों पर बोलने के लिए वक्ता का नाम आसन तक पहुंचाना सचेतक की ही जिम्मेदारी होती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी में सचेतक का पद विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही खाली पड़ा है.

विधानसभा के अब तक 6 सत्र हो चुके हैं, लेकिन बीजेपी का नेतृत्व अपना सचेतक तय नहीं कर पाया. कभी जातिगत समीकरण, तो कभी राजनीतिक जोड़-बाकी में इस पद पर नियुक्ति का मामला अटक गया. अब बीजेपी के ही 20 विधायकों ने जनहित के मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिलने की दुहाई देते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को पत्र लिखा है तो पार्टी में भी हलचल हुई है.

पिछले दिनों बीजेपी में सचेतक के पद पर नियुक्ति को लेकर लंबा मंथन चला. इस पद पर दो नाम प्रमुख रूप से दावेदार माने जा रहे थे. इसमें एक नाम बीजेपी के ही प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर का था तो दूसरे नंबर पर पार्टी के युवा विधायक और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा का नाम था. पार्टी में चर्चा के दौरान मुद्दा यह भी आया कि मदन दिलावर प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. ऐसे में एक ही व्यक्ति को प्रदेश महामंत्री और सचेतक के दोनों पद दिया जाना ठीक नहीं होगा. काम के भार के लिहाज से भी यह ठीक नहीं होता तो पार्टी में असंतोष बढ़ाने वाला भी हो सकता था.

रामलाल शर्मा के नाम पर भी इसी तरह की चर्चा हुई, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि रामलाल शर्मा भी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी देख रहे हैं. इस बीच निष्ठा की बात आई. संगठन का मानना था कि सचेतक का जिम्मा संभालने वाले विधायक की निष्ठा भी पुख्ता होनी चाहिए. ऐसे में संघनिष्ठ जोगेश्वर गर्ग के नाम पर पार्टी में लगभग सहमति बन गई है. जालौर से विधायक और पूर्व में राज्य मंत्री रहे जोगेश्वर गर्ग अच्छे वक्ता भी हैं और पार्टी के मौजूदा नेतृत्व से उनका तालमेल भी बेहतर माना जाता है. ऐसे में जोगेश्वर गर्ग के नाम पर बीजेपी के विधायक दल और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति बन चुकी है.

हालांकि, इस बारे में बात करने पर जोगेश्वर गर्ग ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई. गर्ग ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर संगठन उन्हें कोई जिम्मेदारी देता है और उसके लिए आदेश करेगा तो पार्टी के आदेश की पूरा पालन किया जाएगा.





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