भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव आज होगा. 17 साल बाद विधानसभा अध्यक्ष विंध्य से होगा. इसके लिए रीवा के देवतालाब से विधायक गिरीश गौतम ने रविवार को नामांकन दाखिल कर दिया है. खबर के मुताबिक इस बार कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी. जिससे गिरीश गौतम का निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है. गिरीश गौतम विधानसभा के 18वें अध्यक्ष होंगे. गिरीश गौतम चार बार के विधायक हैं, उन्हें गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का करीबी माना जाता है.

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रविवार को विधानसभा अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद गिरीश गौतम ने कहा कि बीजेपी ने विंध्य का हमेशा से सम्मान किया है. इसलिए एक-एक विधायकों के हितों की रक्षा करना मेरी प्राथमिकता है. शिवराज सरकार में विंध्य को हमेशा से सम्मान मिलता रहा है.

वहीं, विधानसभा के बजट सत्र से पहल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई है. सर्वदलीय बैठक में यह तय हो जाएगा कि भाजपा उपाध्यक्ष पद विपक्ष यानी कांग्रेस को देती है या अपने पास रखती है. आपको बता दें कि कमलनाथ सरकार ने यह परंपरा तोड़ते हुए सदन के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का पद अपने पास रखा था.

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गिरीश गौतम का नाम संगठन ने आगे बढ़ाया है. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने 3 दिन पहले गिरीश गौतम को भोपाल बुलाकर मुलाकात की थी. गौतम मध्य प्रदेश विधानसभा के 18वें अध्यक्ष होंगे. वह विंध्य क्षेत्र से आते हैं. विधानसभा अध्यक्ष का पद 17 साल बाद एक बार फिर विंध्य के खाते में जाएगा. विंध्य के कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी 9 साल 352 दिन एमपी असेंबली के स्पीकर रहे. उनका दो बार का कार्यकाल दिग्विजय सरकार के दौरान 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक रहा.

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साल 1972 में छात्र राजनीति से गिरीश गौतम ने की सियासी पारी की शुरुआत
साल 1972 से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे गिरीश गौतम ने 1977 से लगातार किसानों एवं मजदूरों के लिए संघर्ष किया. वह 2003 में रीवा की मनगवां विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने थे. हालांकि इसके बाद इस सीट के आरक्षित होने के बाद बीजेपी ने उन्हें देवतलाब भेजा जहां से वह लगातार 2008, 2013 व 2018 में जीत अर्जित की. वह इस विधानसभा की लोक लेखा, महिला एवं बाल कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.

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