लखनऊ: 22 फरवरी 2021 को उत्तर प्रदेश का बजट पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में इस बजट को पेश करेंगे. बजट का आकार साढ़े 5 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पहली बार पेपर लेस बजट पेश करने जा रही है. यानी बजट को इस बार टेबलेट के सहारे पेश किया जाएगा. सोमवार को आने वाले बजट से उत्तर प्रदेश की जनता को कई तोहफ़ा देने की तैयारी में है. 2021-22 में योगी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट होगा. क्या आप जानते है कि यूपी के पहला बजट कब और किसने पेश किया था. इस रिपोर्ट में हम बताएंगे आपको सारी जानकारी.

आज पेश होगा योगी सरकार का महाबजट, कोरोना, स्टूडेंट और किसानों को लेकर हो सकता है बड़ा ऐलान

14 मार्च 1952 में यूपी का पहला बजट
उत्तर प्रदेश में पहली बार 14 मार्च 1952 में यूपी का अपना बजट पेश किया गया. ये बजट तत्कालीन मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत (Govind Ballabh Pant) ने पेश किया था. ये बजट 1 अरब 49 करोड़ रुपये का था. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिग्गज नेता गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के पहले मुख्यमंत्री थे. गोविंद 26 जनवरी 1950 से 27 दिसंबर 1954 तक यूपी के मुख्यमंत्री पद पर रहे. 1951 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में वो बरेली म्युनिसिपैलिटी से जीते थे.

गोविंद बल्लभ पंत ने पेश किया था यूपी का पहला बजट
UP का पहला बजट पेश करने का नाम गोविंद बल्लभ पंत के नाम पर है. गोविंद बल्लभ पंत 1955 में केंद्र सरकार में होम मिनिस्टर बने. 1955 से 1961 तक होम मिनिस्टर रहे. इस दौरान इनकी उपलब्धि रही भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन. उस वक्त कहा जा रहा था कि ये चीज देश को तोड़ देगी. पर इतिहास देखें तो पाएंगे कि इस चीज ने भारत को सबसे ज्यादा जोड़ा. अगर पंत को सबसे अधिक किसी चीज़ के लिए जाना जाता है, तो हिंदी को राजकीय भाषा का दर्जा दिलाने के लिए ही. 1957 में इनको भारत रत्न मिला.

यूपी में सबसे ज्यादा बजट पेश करने का श्रेय नारायण दत्त तिवारी को
यूपी में सबसे ज्यादा बजट पेश करने का कीर्तिमान कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण दत्त तिवारी (Narayan Datt Tiwari) ने  बनाया. एनडी तिवारी ने 4 बार सीएम और 7 बार वित्तमंत्री रहते हुए यूपी बजट कुल 11 बार पेश किया.

मुलायम सिंह ने 9 बार बजट पेश किया
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने 9  बार बजट पेश किया. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने साल 2012 में सपा सरकार आने के बाद खुद ही लगातार पांच साल तक यूपी का बजट पेश किया. यूपी में ज्यादातर बजट तत्कालीन मुख्यमंत्रियों ने ही पेश किया. जबकि योगी सरकार से पहले अधिकतर मुख्यमंत्रियों ने वित्तमंत्री का पद और वित्त विभाग अपने पास ही रखा.

काम की खबर: मार्च तक तैयार हो जाएगी Jewar Airport तक नई सड़क, नहीं देना होगा टोल टैक्स

1 मार्च से उत्तर प्रदेश में किन चीजों की होगी शुरुआत, डाल लीजिए इन काम की खबरों पर एक नजर

देखो लाइव टीवी





Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *