दयाशंकर/उन्नाव: उन्नाव में दलित बच्चियों को लेकर हुए असोहा कांड (Unnao Case) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन शुरू से ही सक्रिय दिख रहा है. प्रशासन ने ना सिर्फ गांव में किसी भी किस्म के विवाद को होने से बचाया, बल्कि पूरे कांड का खुलासा करते हुए आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस बात को लेकर सावधान है कि कहीं सोशल मीडिया के जरिए कोई हिंसा या गलत सूचना ना फैलाई जा सके. ऐसे में सरकार ने सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए एक्सपर्ट्स की टीम बनाई है, जो लगातार कार्रवाई कर रही है.

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डॉ. उदित राज समेत 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज
कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज के खिलाफ भी इसी मामले में कार्रवाई की गई है. एसपी के आदेश के बाद उन्नाव कोतवाली में आईपीसी (IPC) और आईटी एक्ट (IT ACT) के तहत भ्रामक और मनगढ़ंत खबर फैलाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है. उदित राज के अलावा 8 अन्य ट्विटर हैंडलर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है.

लिखा भड़काऊ पोस्ट, तो कार्रवाई हो जाएगी
किसी भी भड़काऊ पोस्ट पर उन्नाव एसपी की आईटी विंग भी पैनी नजर रखे हुई है. जानकारी के मुताबिक, भीम सेना चीफ समेत जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उन्होंने अपने हैंडल पर घटना में बलात्कार और जबरन शव जलाए जाने जैसी बातें लिखी थीं. ऐसे में अगर कोई भी भड़काऊ पोस्ट लिखता है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है.

क्या है असोहा कांड
बता दें, उन्नाव के असोहा में तीन लड़कियां संदिग्ध हालत में पाई गई थीं. जिनमें से दो की मौत हो गई और एक नाबालिग हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग लड़ रही है. मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने प्यार के ठुकराए जाने पर लड़कियों को कीटनाशक युक्त पानी पिला दिया था. जिससे उनकी मौत हो गई.

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