इंदौरः मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों में राजनीतिक पार्टियां जुटी हुई हैं. इसी के चलते रविवार को कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम कमलनाथ इंदौर पहुंचे. जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया. मीडिया से बात करते हुए कमलनाथ ने कई मुद्दों पर बात की.

बताया किन उम्मीदवारों को दिया जाएगा टिकट
निकाय चुनाव को लेकर कमलनाथ ने कहा कि जो प्रत्याशी जिताऊ होगा और स्थानीय संगठन की पसंद होगा. उसे ही टिकट दिया जाएगा. यह नहीं देखा जाएगा कि यह कौन किसके गुट का है. साथ ही उन्होंने कहा कि वह भी चाहते हैं कि कांग्रेस में युवाओं को मौका मिले और आने वाले नगरीय निकाय चुनाव में यह देखने को भी मिलेगा.

विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कही ये बात
कमलनाथ ने कहा कि “हमेशा से विधानसभा अध्यक्ष पद सत्ताधारी पार्टी और उपाध्यक्ष पद विपक्षी पार्टी को मिलता रहा है लेकिन 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, उस वक्त बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष पद की परंपरा खराब कर दी थी.”

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दरअसल 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी तो कांग्रेस ने एनपी प्रजापति को विधानसभा अध्यक्ष बनाया. लेकिन परंपरा से हटते हुए बीजेपी ने उस वक्त विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपने उम्मीदवार विजय शाह को भी खड़ा कर दिया था. हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार एनपी प्रजापति विधानसभा अध्यक्ष चुने गए. लेकिन इसके बाद कांग्रेस ने उपाध्यक्ष पद पर भी अपने उम्मीदवार को जिता दिया था.

‘हम नहीं करते परंपरा का उल्लंघन’
अब कमलनाथ ने कहा कि हम परंपरा का उल्लंघन नहीं करते हैं. इसलिए विधानसभा अध्यक्ष पद की गरिमा को देखते हुए हमने अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि उपाध्यक्ष पद को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर चुनाव के वक्त ही फैसला होगा.

केन्द्र की राजनीति में जाने के सवाल पर कही ये बात
कमलनाथ को लेकर चर्चाएं चल रहीं थी कि पार्टी उन्हें केन्द्र की राजनीति में फिट कर सकती है. जब कमलनाथ से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह प्रदेश से बाहर नहीं जाने वाले हैं. यदि आल इंडिया कांग्रेस कमेटी उन्हें कोई जिम्मेदारी देगी तो वह यहीं से ही उस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे. कमलनाथ ने केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों की आलोचना करते हुए कहा कि इनसे किसानों को नुकसान होगा.

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‘बीजेपी ने शुरू की सौदे की राजनीति’
कमलनाथ ने कहा कि “बीजेपी ने पिछले कुछ सालों में राजनीति में ‘सौदे की राजनीति’ शुरू की है, जो ठीक नहीं है. हमें विधायकों के जाने की जानकारी थी और यह भी पता था कि कौन कितने पैसे में बिक रहा है, लेकिन मैं सौदे की राजनीति नहीं चाहता था. इसलिए उनसे कहा कि आपको जाना है तो जाइए.”

माफिया अभियान के बहाने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किया जा रहा टारगेट
बीजेपी सरकार द्वारा चलाये जा रहे माफिया अभियान पर कमलनाथ ने कहा कि हमारा माफिया अभियान असली माफियाओं के खिलाफ था लेकिन बीजेपी का माफिया अभियान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टारगेट कर किया जा रहा है. बता दें कि माफिया अभियान के तहत सरकार भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और उनके अवैध निर्माणों को तोड़ा जा रहा है.





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